त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी सहारनपुर लोकसभा सीट, बेहद दिलचस्प होगा मुकाबला
इमरान मसूद
सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। नामांकन और चुनाव प्रचार अभियान शुरू हो गया है। सहारनपुर में मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और गठबंधन प्रत्याशी के बीच होगा। जीत को लेकर सभी के अपने दावे हैं। अब किसका दावा और किसकी रणनीति सटीक रही, यह फैसला 11 अप्रैल को जनता करेगी।
सहारनपुर लोकसभा सीट का चुनाव दिलचस्प होने जा रहा है, क्योंकि यहां पर गठबंधन की तरफ से हाजी फजलुर्रहमान और कांग्रेस की तरफ से इमरान मसूद को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने मौजूदा सांसद राघव लखनपाल पर फिर से भरोसा जताया है।
इस सीट में बेहट, सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, देवबंद और रामपुर मनिहारान पांच विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। सीट पर 17,22,580 मतदाता हैं। इसमें करीब छह लाख मुस्लिम मतदाता हैं तो अनुसूचित जाति के तीन लाख वोटर हैं। इसके अलावा गुर्जर, पंजाबी, वैश्य, जाट, सैनी, कश्यप सहित अन्य जातियों को मिलाकर करीब आठ लाख वोटर इस सीट में हैं।
सहारनपुर लोकसभा सीट का चुनाव दिलचस्प होने जा रहा है, क्योंकि यहां पर गठबंधन की तरफ से हाजी फजलुर्रहमान और कांग्रेस की तरफ से इमरान मसूद को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने मौजूदा सांसद राघव लखनपाल पर फिर से भरोसा जताया है।
इस सीट में बेहट, सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, देवबंद और रामपुर मनिहारान पांच विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। सीट पर 17,22,580 मतदाता हैं। इसमें करीब छह लाख मुस्लिम मतदाता हैं तो अनुसूचित जाति के तीन लाख वोटर हैं। इसके अलावा गुर्जर, पंजाबी, वैश्य, जाट, सैनी, कश्यप सहित अन्य जातियों को मिलाकर करीब आठ लाख वोटर इस सीट में हैं।
बसपा + सपा
2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा को 2,35,033 और सपा को 52,765 वोट मिले थे। गठबंधन प्रत्याशी की ताकत अनुसूचित जाति, मुस्लिम और जाट बिरादरी के मतदाता हैं।
भाजपा
2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 4,72,999 वोट हासिल हुए थे। परंपरागत वोटरों में पंजाबी, वैश्य सहित अन्य जातियों की हिस्सेदारी भाजपा की ताकत है। केंद्र और प्रदेश की योजनाओं के साथ ही एयर स्ट्राइक के बाद बने माहौल को साधने का प्रयास होगा।
कांग्रेस
कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद और भाजपा प्रत्याशी राघव लखनपाल के बीच 2014 के लोकसभा चुनाव में कड़ा मुकाबला हुआ था। कांग्रेस प्रत्याशी 4,07,909 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहा था। उस चुनाव में इमरान मसूद के चचेरे भाई शाजान मसूद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी थे।
2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा को 2,35,033 और सपा को 52,765 वोट मिले थे। गठबंधन प्रत्याशी की ताकत अनुसूचित जाति, मुस्लिम और जाट बिरादरी के मतदाता हैं।
भाजपा
2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 4,72,999 वोट हासिल हुए थे। परंपरागत वोटरों में पंजाबी, वैश्य सहित अन्य जातियों की हिस्सेदारी भाजपा की ताकत है। केंद्र और प्रदेश की योजनाओं के साथ ही एयर स्ट्राइक के बाद बने माहौल को साधने का प्रयास होगा।
कांग्रेस
कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद और भाजपा प्रत्याशी राघव लखनपाल के बीच 2014 के लोकसभा चुनाव में कड़ा मुकाबला हुआ था। कांग्रेस प्रत्याशी 4,07,909 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहा था। उस चुनाव में इमरान मसूद के चचेरे भाई शाजान मसूद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी थे।




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